ज़िंदगी एक हसीन – zindagee ek haseen raag
ज़िंदगी एक हसीन राग बनके।
गुनगुनाती है यीशु की महहमा। …………x2
पिंछी भी एक स्वर में
गाती है तेरी प्रशिंसा।
हैं हैं हैं हैं ससर्फ तू ही मसीहा। …………x2
हो हो, हो, हो तेरी प्रशिंसा.
अिंधियारेके इस भवार में
आशा का दीप तू ने लाया।
एक भटके हुए राही को
ननराशा से आशा हदलाएिं।
मेरे होठों पे है तेरी हिंसी। ………x2
ज़िंदगी है तेरे दम पे मसीह।
पल जो आया है मेरे ज़िंदगी में
इनको है सजाया ससर्फ तूने।
जो नाम है समला मुझको,
अपना नाम जोड़ा सबसे पहले।
हिंसते गाते चले जाएंगे हम, …………x2
बस तेरा नाम लेके ज़िंदगी भर।
ज़िंदगी एक हसीन राग बनके।
गुनगुनाती है यीशु की महहमा। …………x2
पिंछी भी एक स्वर में
गाती है तेरी प्रशिंसा।
हैं हैं हैं हैं ससर्फ तू ही मसीहा। …………x2
हो हो, हो, हो तेरी प्रशिंसा.


